क्या आप ले रहे हैं Used Car? लेते समय याद रखें ये बाते (Buying used car tips)

आज भारत में या पूरी दुनिया में जब तक कोई भी Driver पर्फेक्ट Driving नहीं कर लेता तब तक अपनी खुद की Car नहीं खरीदता। पहले उसको अपने हाथ साफ करने के लिए Used Car का इस्तेमाल करना पड़ता है। खुद को कॉन्फिडेंस आने के लिए वह यह सब चीजें करता है। इसीलिये हमने आज Buying used car tips ये टॉपिक यहा कवर किया है|

पहले तो किसी Driving school में वह गाड़ी के बेसिक्स सीख लेता है, और उसके बाद कोई used car buy कर लेता है. हर बार आपको कोई भी दिक्कत ना आए इसीलिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा। दूसरी कंडीशन में यह होता है कि, Used car buy करते वक्त उसका कितना इस्तेमाल होने वाला है या फिर किस काम के लिए यूज होने वाली है यह भी देखा जाता है।

यह दो कंडीशंस देखी जाती है जब you buying a car in India. जोकि बहुत से लोगों का गाड़ी खरीदते समय बहुत सी चीजों पर ध्यान नहीं रहता वह सोचते हैं की एक दो साल में नई गाड़ी खरीद लेंगे। पर कभी-कभी गाड़ी की मेंटेनेंस अच्छी न होने की वजह से ग्राहक को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह मैं नीचे कुछ बातें बताने वाला हूं जो आपको गाड़ी खरीदते समय याद रखनी है।

Buying used car tips (Used Car खरीदते समय याद रखनेवाली बाते)-


१. गाड़ी के ओनर (cars owner)

पहली बात हैं वह यह देखनी है कि गाड़ी कितनी दफा बेची और खरीदी गई है। अगर गाड़ी का कोई first car owner है तो गाड़ी अच्छी कंडीशन में रहती है। अगर कोई सेकंड या थर्ड ओनर रहा तो फिर गाड़ी की कंडीशन इतनी अच्छी नहीं रहती। फिर भी आपको Test Drive करके यह बात पता लगानी होती है। Cars Document में यह बात आ जाती है की गाड़ी की कितने ओनर्स है।

२. गाड़ी के और इंश्योरेंस के पेपर (cars insurance)

आज RTO Rules बहुत सख्त हो गए हैं। इसी वजह से cars insurance paper क्लियर होना बहुत जरूरी है। car insurance renew करने के लिए आ गये है तो फिर जरूर रिन्यू कराएं। गाड़ी पूरी तरह से खरीदने से पहले डाक्यूमेंट्स क्लियर करें। बाद में होने वाली झंझट से आप बच सकते हैं।

३. कार इंजिन और बॉडी कंडीशन (car engine and body condition)

सबसे महत्वपूर्ण बात इसमें यह आती है कि car engine कैसा है। अगर इंजिन ठीक रहा तो फिर ग्राहक गाड़ी की बॉडी पर खर्चा करने के लिए तैयार रहता है। किसी अच्छे mechanic को गाड़ी दिखानी बहुत जरूरी है। body condition भी देखनी जरूरी होती है। कभी-कभी गाड़ी अंदर से सड़ी हुई हो सकती है, जिसके कारण आपको वापिस से खर्चा उठाना पड़ सकता है।

४. टायर कंडीशन (Tyre Condition)

कभी-कभी कुछ कस्टमर्स गाड़ी बेचते वक्त अपनी पुरानी टायर्स गाड़ी को लगवा देते हैं। ऐसा बहुत बार हो चुका है की गाड़ी खरीदने के बाद टायर की वजह से एक्सीडेंट हुए हो। ऐसा आपके साथ ना हो इसीलिए Tyre condition अच्छे होने के साथ वह बैलेंस किए गए हो। साथ साथ गाड़ी की एलाइनमेंट (alignment) भी चेक करवाएं।

५. सर्विसिंग रिकॉर्ड (car servicing record)

Car Servicing Record में ऑयल चेंज और सभी रिप्लेस किए गए हुए पार्ट्स की यादी चेक करें। इससे आपको गाड़ी की कंडीशन (cars condition) पता चल सकती है। गाड़ी की सर्विसिंग बहुत अलग अलग तरीके से रिकॉर्ड की जाती है। खरीदी जाने वाली गाड़ी कहां-कहां पर सर्विसिंग की गई है इसकी जानकारी ले ले।

६. क्या हो सकती है किमत? (Used cars price)

अपनी पहचान वाले कुछ मैकेनिक लोगों से या फिर अपने दोस्तों से इसके बारे में जानकारी निकाले। जितने साल गाड़ी इस्तेमाल की गई होती है वैसे ही उसकी कीमत कम हो जाती है। cars document में यह बात आपको पता चल सकती है। उससे आप टोटल ऐस्टीमेशन निकाल सकते हैं और खरीदते समय आप की कीमत बोल सकते हैं। कभी-कभी बेचने वाला जो रहता है उसने भी कुछ खर्चा किया होता है वह भी ध्यान में रखकर ठीक से कीमत लगाएं।   

यह कुछ Buying used car tips जो मैंने आपको बताई,आपको हमेशा याद रखनी होंगी। आपका दिन शुभ हो।

Honda amaze gets a 4 star rating in the global ncap crash test

Leave a Comment